Monday, May 25, 2026
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नोखा:- बिना दहेज लिए रचाई शादी, समाज को दिया संदेश, यह शादी समाज के लोगों के लिए बनी मिसाल

नोखा टाइम्स न्यूज, नोखा।।(संपादक प्रमोद बाहेती) नोखा में अब युवा दहेज जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ खड़े होने लग गये हैं। पिछले कुछ समय में नोखा के विभिन्न क्षेत्रों से ऐसी कई खबरें सामने आई हैं जब दूल्हा और दुल्हन ने दहेज प्रथा के खिलाफ अपनी बुलंद आवाज उठाई है। ऐसा ही एक और उदाहरण सामने आया है नोखा शहर से। नोखा शहर में जोरावरपुरा निवासी दूल्हे ने वधू पक्ष की ओर से दहेज की रस्म के तौर पर दिये जा रहे सामान नही लेकर अनूठा उदाहरण पेश किया है। यह शादी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है वहीं यह साेशल मीडिया में भी छायी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जोरावरपुरा निवासी दूल्हे ने शादी में दिया दहेज का सामान लौटाया। नेग में लिया एक रुपए और नारियल लिया।
जोरावरपुरा निवासी दूल्हे ने दहेज में मिले सामान व रुपए वापस लौटा कर समाज की ओर से चलाई जा रही दहेज मुक्त शादी को बढ़ाया दिया। जोरावरपुरा निवासी दूल्हा विष्णु पंचारिया पुत्र मानक चंद पंचारिया जो कि एमकॉम तक पढा हुआ है और अपने पिता के बिजनेस को आगे बढ़ा रहा है, जिसकी बारात जम्भेश्वर चोक निवासी गोवर्धनलाल पंचारिया के यहां आई। उनकी शादी तनु उपाध्याय पुत्री निर्मल कुमार उपाध्याय निवासी श्रीबालाजी के साथ हुई। लड़की की शादी जम्भेश्वर चौक निवासी गोर्वधन पंचारिया के यहां सुभ मूहर्त में सम्पन्न होने के बाद विदाई के समय दूल्हे के पिता व दूल्हे ने दहेज वापस लौटाया तो समाज के लोगों ने इस पहल की सराहना की। इस दौरान पूर्व पालिकाध्यक्ष डॉ सीताराम पंचारिया सहित समाज के गणमान्य लोग मौजूद थे।

दूल्हे ने कहा कि वह इस बुराई को अपनाना नहीं चाहता:-
दूल्हे विष्णु पंचारिया ने आदर के साथ ये कहते हुये दहेज नहीं लिये कि वह इस बुराई को नहीं अपनाना चाहता है। वह खुद मेहनत कर कमाने में विश्वास करता है। दूल्हे ने कहा कि वे अपने हाथों को पवित्र रखना चाहता है लिहाजा वह इस रकम को हाथ भी नहीं लगायेगा। वह अपनी मेहनत पर विश्वास करता है। बेहतर है कि समाज के अन्य लोग भी नई पहल करें।

समाज सुधार की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम:- दूल्हे और उसके परिजनों को भावनायें देखकर वधू पक्ष के लोग भी भावुक हो गये। उन्होंने कहा कि समाज की पुरानी भूलों को नई पीढ़ी सुधारने का प्रायस कर रही है इससे बड़ी बात कोई हो नहीं सकती। दूल्हे और उनके पिता ने यह दहेज लेने से इनकार कर समाज में एक मिसाल पेश की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अन्य लोग भी दूल्हे और उसके पिता से प्रेरणा लेकर समाज सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठायेंगे। यह समाज में नई पहल हो रही है।

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