Monday, May 25, 2026
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REET का लेवल-2 एग्जाम रद्द:मुख्यमंत्री बोले- अब दो चरणों में होगी परीक्षा, लेवल-1 और लेवल-2 मिलाकर 62 हजार पदों पर भर्तियां होंगी

नोखा टाइम्स न्यूज़, नोखा।। REET पेपर लीक मामले में राजस्थान सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट बैठक के बाद अशोक गहलाेत ने रीट की लेवल-2 परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा करते हुए कहा कि लेवल-1 की परीक्षा निरस्त नहीं होगी। अब रीट में 62 हजार भर्तियां होंगी। लेवल-2 की जो परीक्षा निरस्त हुई है, वह अगस्त तक होने की संभावना है।

अब दो चरणों में होगी भर्ती परीक्षा
गहलोत ने कहा कि रीट लेवल वन और लेवल 2 मिलाकर कुल 62 हजार हो जाएगी। लेवल वन के 15 हजार पद अलग रह जाएंगे। पहले की तरह ही एलिजिबिलिटी टेस्ट लेंगे। वेलिडिटी आजीवन ही रहेगी। विषयवार अलग से एग्जाम करवााए जाएंगे। एलिजिबिलिटी टेस्ट के बाद भर्ती परीक्षा होगी।

कमेटी की रिपोर्ट के बाद एग्जाम की तारीख की घोषणा
मई के बाद एक माह बाद खिसक जाएगा। जस्टिस व्यास की अध्यक्षता वाली कमेटी की 15 मार्च तक रिपोर्ट आएगी। रिपोर्ट मिलते ही एग्जाम की तारीख बता देंगे। विधानसभा सत्र में कड़ा कानून लेकर आएंगे।

रीट प्रमाण पत्र की वेलिडिटी आजीवन रहेगी
मुख्यमंत्री ने घोषणा है कि अब रीट प्रमाण पत्र की वेलिडिटी आजीवन रहेगी। इससे पहले रीट के सर्टिफिकेट की वेलिडिटी 3 साल थी। जिसे लेकर अभ्यर्थियों ने काफी विरोध भी जताया था। तीन साल से रीट ( REET ) एग्जाम न होने के चलते 2.53 लाख रीट प्रमाण पत्रों की वैधता खत्म हो गई थी। क्योंकि रीट 2018 के प्रमाण पत्रों की वैधता 31 जुलाई 2021 को खत्म हो गई थी।

 

गौरतलब है कि 26 और 27 सितंबर को इस परीक्षा को आयोजित किया गया था। इसमें करीब 23 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। REET कुल 32 हजार पदों के लिए हुई थी। लेवल-1 के 15 हजार 500 और लेवल-2 के 16 हजार 500 पद थे, लेकिन परीक्षा से पहले ही पेपर लीक हो गया था। इसके बाद यह 33 से ज्यादा सेंटर पर पहुंचा। गंगापुर सिटी से पहली बार पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद एसओजी ने इसकी जांच शुरू की तो सामने आया कि शिक्षा संकुल से पेपर लीक हुआ। एसओजी रामकृपाल, उदयलाल, भजनलाल, बत्तीलाल और पृथ्वीलाल समेत 35 से ज्यादा लोगोंं को गिरफ्तार कर चुकी है।

इससे पूर्व रीट पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद सरकार लगातार घिरती नजर आ रही थी। बीजेपी की ओर से लगातार परीक्षा रद्द करने की मांग की जा रही थी। इसी बीच सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले किए हैं। कैबिनेट में रीट सहित कई मुद्दों पर चर्चा की गई।

मेरे परिवार के 13 लोग फेल हुए: डोटासरा
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि रीट में मेरे परिवार का कोई भी पास नहीं हुआ। अगर कोई मेरे ऊपर आरोप साबित कर दे तो मैं और मेरे परिवार में से कोई भी जीवनभर राजनीति नहीं करेगा। इस पर गहलोत बोले- यह तो बता दो कि आपके कितने लोग फेल हुए तो डोटासरा बोले- मेरे परिवार के 13 लोगों ने परीक्षा दी और एक भी पास नहीं हुआ। राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा मंत्री सुभाष गर्ग के पीएसओ के रीट में पास होने का दावा कर रहे हैं, उसके 150 में से 29 नंबर आए है। किरोड़ी झूठ बोल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि बीजेपी को तीन साल के कांग्रेस के शासन से फ्रस्ट्रेशन हो गया है, अब तो बीजेपी हाईकमान भी स्थानीय इकाई को कह रहा है कि आप कर क्या रहे हो। आम जनता हमारे फैसलों से खुश है। हमारे कोरोना से लेकर हर फैसले शानदार रहे हैं। नॉन इश्यु को इश्यू बनाने का बीजेपी ने धंधा खोलकर रखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं, यह देखने की जरूरत है कि पेपर लीक क्यों हो रहे हैं। इसे रोकना चाहिए। पूरे देश में पेपर लीक करने वाला गिरोह सक्रिय है।

गहलोत ने कहा कि पेपर आउट होने के हालात चिंताजनक है। महंगाई के बाद रोजगार की हालत विस्फोटक बनी हुई है। बिहार में ट्रेन जला दी। बहुत सालों बाद ऐसा हुआ। यह सरकारों के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। नौकरी मिल नहीं रही, इंवेस्टमेंट नहीं आ रहा। जब इंवेस्टमेंट नहीं आएगा तो प्राइवेट सेक्टर में नौकरी कैसे आएगी। हम सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में नौकरी देने का प्रयास कर रहे हैं।

भाजपा की हरकतों से नाखुश
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम इस फैसले से खुश नहीं हैं, लेकिन भाजपा की हरकतों से तंग आ गए हैं। जिस तरह का माहौल बनाया है, वह राज्य के लिए ठीक नहीं है। हमने बच्चों के भविष्य के लिए यह फैसला किया है।

अब तक 35 से ज्यादा गिरफ्तारी
एसओजी रीट पेपर लीक मामले में अब तक 35 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसकी आंच माध्यमिक शिक्षा बोर्ड तक भी पहुंच गई थी। इसके बाद चेयरमैन डीपी जारौली को बर्खास्त करना पड़ा। जबकि सचिव को निलंबित किया गया। को-ऑर्डिनेटर प्रदीप पाराशर को एसओजी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

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