Monday, May 25, 2026
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डिस्कॉम की उदासीनता; कम वोल्टेज से ग्रामीण परेशान, गौशाला में पेयजल संकट

नोखा टाइम्स न्यूज, नोखा।। नोखा उपखण्ड के कंवलीसर गांव स्थित गोवर्धन गोपाल गौशाला में पिछले 5 दिनों से बिज़ली का वोल्टेज नहीं होने और बार बार ट्रिपिंग होने के कारण नलकूल से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही। जिसके कारण 1500 गायों के प्यासे मरने की नौबत आ गई है। गौशाला संचालको ने विद्युत विभाग के आला अधिकारियों को बिजली की व्यवस्था सुधारने के लिए अनेक बार अवगत कर चुके हैं लेकिन अधिकारियों द्वारा बरती गई लापरवाही के कारण अब गोवंश की जान को खतरा बन गया है। गोवर्धन गोपाल गौशाला के व्यवस्थापक पंकज शर्मा ने बताया कि पंद्रह सौ से ज्यादा आवारा और बेसहारा गायों को कंवलीसर गांव की गोवर्धन गोशाला में रखा जा रहा है लेकिन पिछले 5 दिनों से एकमात्र ट्यूबेल जो गौशाला में बना हुआ है विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण बंद है। वर्तमान में वहाँ गायों के लिए रोजाना 20 से 25 टैंकरों से गायों को जिंदा रखने के लिए पानी की आपूर्ति करवाई जा रही है लेकिन वह नाकाफी है। गर्मी और लू के इस मौसम में गोवंश की जान को प्यासी होने के कारण जान का खतरा मंडरा रहा है। पंकज शर्मा ने बताया कि लगभग 17 गौ सेवकों का स्टाफ लगातार गायों की सेवा में लगा हुआ है लेकिन पानी की कमी के कारण मूक गोवंश की जान को गंभीर खतरा बना हुआ है।

जिम्मेदार अधिकारी बना रहे बहाना:- गौशाला में बना एकमात्र ट्यूबवेल चालू हालत में गौशाला की परिसर में बना हुआ है इसमें पिछले पांच दिनों से बार-बार ट्रिपिंग होने और वोल्टेज नहीं होने के कारण नलकूल से पानी नहीं आ रहा है। विधुत अधिकारियों से जब पानी समस्या का कारण पूछा गया तो उन्होंने फाल्ट नहीं ढूंढ पाने के कारण का हवाला देते हुए ठीक करने की बात बताई लेकिन अभी तक गौशाला में बिजली की आपूर्ति सुचारू नहीं की गई है। जिसके कारण तेज गर्मी और लू में गायक पानी के लिए प्यासे और व्याकुल है।

ग्रामीण लग रहे हैं सेवा में:- गौशाला के प्रबंधक शिवरतन सोनी ने बताया कि विभाग के अधिकारियों को अनेक बार अवगत करवाने के बाद भी मूक गोवंश की पानी की व्यवस्था को सुचारू नहीं किया गया है वही बार-बार ट्रिपिंग होने और बोलते नहीं होने के कारण ट्यूबेल चालू करते ही बंद हो जाता है जिसमें जिसके कारण गाय प्यासी और बेहाल है। वर्तमान के एक टैंकर के 700 रुपए वसूल किये जा रहे जिसके कारण रोजाना 15 से 20 हजार रुपए पानी के लग रहे है। गोशाला में व्यवस्था बनाने को लेकर गो सेवक कानाराम जाट, धन्नाराम, किशनाराम ,पूर्णाराम, हेमसिंह, हिम्मतसिंह, जगुराम, राकेश, हनुमानराम, चीमाराम, राजेश, लिछुराम, नारायणराम, श्रवणराम, रूपाराम, भुंडाराम सहित 17 युवक गायों की सेवा में लगे हुए है लेकिन पानी की व्यवस्था सुचारू नहीं होने के कारण वे भी निराश है।

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