बीकानेर रेंज पुलिस के आईजी पासवान ने पदम स्मारक पहुंचकर किया भ्रमण: आईजी बोले; सेवा-सुकर्म-सामाजिक समरसता की त्रिवेणी है पदम स्मारकः


नोखा टाइम्स न्यूज़,नोखा।। धोरों के बीच बसे सिलवा के मूलवास गांव में स्थित पदम स्मारक को देखने के लिए हर दिन सैकड़ों सैलानी आते हैं। यहां की अद्भुत छटा, कलात्मकता और पिता-पुत्र प्रेम की धरोहर को देखकर सभी प्रेरणा लेकर लौटते हैं। शुक्रवार रात को बीकानेर रेंज पुलिस के आईजी ओम प्रकाश पासवान, उनकी पत्नी तृषा पासवान और पुत्र ओजस ने स्मारक का भ्रमण किया। उन्होंने यहां की दिव्यता, भव्यता और प्राकृतिक सौंदर्य को देखकर मन अभिभूत हो गए। इसके साथ ही, गोसेवी पदमाराम जी कुलरिया के प्रति अपनी आस्था और श्रद्धा व्यक्त करते हुए नतमस्तक हो गए।
आईजी के आगमन पर पदम् ग्रुप के प्रतिनिधियों ने उनका भावभीना स्वागत एवं अभिनंदन किया। आईजी ने कहा कि ऐसे संत महापुरुषों के सेवा कार्यों और मार्गदर्शन से न केवल गांव, बल्कि समूचे क्षेत्र के लोग अपने जीवन को धन्य बना सकते हैं। उनके तीनों पुत्र, कानाराम, शंकर और धर्मचंद कुलरिया, बड़े योग्य और यशस्वी हैं, जो उद्यम के क्षेत्र में अभिनव आयाम स्थापित कर रहे हैं। अपने पिता के नाम और उनके सेवा कार्यों को अमर करने के लिए यह परिवार सुकृत्य करने में लगा है। मुंबई में रहने के बावजूद अपने गांव से उनका लगाव अद्भुत और अनुकरणीय है।
आईजी ओम प्रकाश पासवान ने यहां स्मारक और डिजिटल लाइब्रेरी में संत जी की मूर्ति देखकर ग्रामवासियों के प्रति इस परिवार का अपनत्व और सामाजिक समरसता से अत्यंत प्रभावित हुए। इसके बाद, उन्होंने पदम पैलेस जाकर संत जी की धर्मपत्नी हरप्यारी देवी जी से मिलकर उनका आशीर्वाद लिया। पदम पैलेस में आईजी पासवान और उनके परिवार का स्वागत किया गया। मांगीलाल सुथार श्रीबालाजी ने स्वागत एवं अभिनंदन किया।
इस अवसर पर, संत जी की सबसे छोटी पुत्री मुन्नी देवी ने तृषा पासवान का चुनरी उड़ाकर स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। जयकरण चारण ने संत जी के जीवन वृत्त पर प्रकाश डाला और पदम स्मारक, डिजिटल लाइब्रेरी एवं पदम पैलेस से जुड़ी विभिन्न जानकारियों से अवगत कराया। इस अवसर पर नोखा राठी स्कूल के प्राध्यापक प्रेम प्रकाश भोजक, पप्पूराम सेन आदि भी उपस्थित रहे।



